Bokaro News: उपायुक्त ने बीएसएल प्रबंधन को दिया निर्देश, 37,499 प्रभावित विस्थापित परिवारों में से कितने परिवारों के सदस्यों को दिया गया नियोजन
Bokaro News: डीसी ने बीएसएल प्रबंधन को निर्देश दिया कि कुल 37,499 प्रभावित विस्थापित परिवारों में से कितने परिवारों के सदस्यों को नियोजन दिया गया है, विस्तृत रिपोर्ट व सूची 5 सितंबर तक कराएं उपलब्ध।
न्यूज इंप्रेशन, संवाददाता
Bokaro: बोकारो समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त अजय नाथ झा की अध्यक्षता में बीएसएल प्रबंधन व अप्रेंटिस विस्थापित संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। मौके पर पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा, उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, प्रशिक्षु आईएएस अरविंद राधाकृष्णन, एसी सुनील चन्द्र, डीपीएलआर पूर्णिमा कुमारी, उप निदेशक जनसंपर्क रवि कुमार, श्रम अधीक्षक रंजीत कुमार, अंचल अधिकारी रामसेवक राम, एपीआरओ अविनाश कुमार सिंह सहित बीएसएल के सीजीएम (टाउनशिप) कुंदन कुमार व संघ के प्रतिनिधि उपस्थित थे। उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन सभी पक्षों के बीच समन्वय स्थापित कर समस्याओं के समाधान के लिए सेतु का कार्य कर रहा है। सभी मामलों का निष्पक्ष, पारदर्शी एवं तथ्यपरक तरीके से परीक्षण किया जाएगा। बैठक के दौरान डीपीएलआर, बीएसएल प्रबंधन व संघ द्वारा प्रस्तुत नियोजन संबंधी आंकड़ों में विरोधाभास सामने आया। इस पर उपायुक्त ने बीएसएल प्रबंधन को निर्देश दिया कि कुल 37,499 प्रभावित विस्थापित परिवारों में से कितने परिवारों के सदस्यों को नियोजन दिया गया है, इसका विस्तृत रिपोर्ट व सूची 5 सितंबर तक उपलब्ध कराई जाए।
नियोजन प्राप्त परिवारों की सूची ऑनलाइन उलब्ध कराएं
उपायुक्त ने डीपीएलआर को निर्देश दिया कि नियोजन प्राप्त विस्थापित परिवारों की सूची ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं में से कितनों को नियोजन मिला है, इसकी स्पष्ट व अद्यतन सूची भी तैयार की जाए। उन्होंने श्रम अधीक्षक को भी विभिन्न बिंदुओं पर अपनी रिपोर्ट समर्पित करने को कहा गया। वहीं, शेष प्रशिक्षित युवाओं के नियोजन के लिए बीएसएल द्वारा किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा करने तथा इस संबंध में मुख्यालय स्तर पर आवश्यक पत्राचार करने का निर्देश दिया।
सर्वोच्य न्यायालय के निर्देश का करें अक्षरशः अनुपालन
उपायुक्त ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से तथ्यों को पारदर्शी ढंग से प्रस्तुत करने को कहा, ताकि किसी प्रकार की भ्रांति की स्थिति उत्पन्न नहीं हो। साथ ही, बीएसएल प्रबंधन से विस्थापितों की समस्याओं एवं भावनाओं को समझते हुए सभी बिंदुओं पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया। बैठक में 19 ऐसे गांवों का मुद्दा भी उठाया गया, जिन्हें अब तक पंचायत का दर्जा प्राप्त नहीं हुआ है। इस पर उपायुक्त ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा राज्य सरकार को इस संबंध में पत्राचार किया जा चुका है। इस विषय पर शीघ्र निर्णय आने की संभावना है। इसके अतिरिक्त, बीएसएल प्रबंधन द्वारा विस्थापितों के लिए आरक्षित कार्यों एवं उनकी हिस्सेदारी के अनुपालन के विषय पर भी चर्चा की गई। बैठक में उपस्थित सभी पक्षों ने विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखें।
