Lucknow News: नेपाल की विनाशकारी बाढ़ का असर यूपी तक आना जारी, गंडक नदी में मिले दस लोगों के शव, नागरिकों व प्रशासनिक गलियारों में अफरा-तफरी
Lucknow News: नेपाल में हुई मूसलाधार बारिश और उसके बाद आई विनाशकारी बाढ़ का त्रासदीपूर्ण असर अब भारत के पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।
न्यूज इंप्रेशन
Lucknow: नेपाल में हुई मूसलाधार बारिश और उसके बाद आई विनाशकारी बाढ़ का त्रासदीपूर्ण असर अब भारत के पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। उफान पर आई नदियों के तेज बहाव के साथ नेपाल से बहकर आए शव भारतीय सीमाओं में पहुंच रहे हैं। पिछले 48 घंटों के भीतर उत्तर प्रदेश के महाराजगंज और कुशीनगर जिलों से बहने वाली गंडक नदी से कुल 10 लावारिस शव बरामद किए गए हैं। इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और प्रशासनिक गलियारों में भारी अफरा-तफरी का माहौल है। प्राकृतिक दृष्टिकोण से गंडक नदी का उद्गम नेपाल के हिमाच्छादित पर्वतों से होता है, जिसके बाद यह नदी भारत के मैदानी भागों में प्रवेश करती हुई उत्तर प्रदेश और बिहार के विभिन्न जिलों से होकर गुजरती है।
अचानक बाढ़ के बाद गंडक नदी के जलस्तर में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज
नेपाल में आई अचानक बाढ़ के बाद गंडक नदी के जलस्तर में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अधिकारियों के अनुसार, इससे पहले भी उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रवाहित होने वाली अन्य सहायक नदियों से कई शवों को बाहर निकाला जा चुका है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत जांच अभियान शुरू कर दिया है। बरामद किए गए सभी 10 शव वयस्कों के हैं। लंबे समय तक पानी में डूबे रहने और मीलों दूर तक पत्थरों व मलबे के साथ बहकर आने के कारण सभी शव अत्यधिक सड़-गल (डीकंपोज) चुके हैं, जिससे उनकी प्राथमिक पहचान कर पाना लगभग असंभव साबित हो रहा है।
बरामद शवों को 72 घंटों तक लावारिस प्रक्रिया के लिए रखा जाएगा
प्रशासनिक नियमों के तहत सभी बरामद शवों को महाराजगंज और कुशीनगर जिले के मुख्य अस्पतालों के शवगृहों (मर्च्युरी) में सुरक्षित रखवा दिया गया है। वहां इन्हें नियमानुसार 72 घंटों तक पहचान और लावारिस प्रक्रिया के लिए रखा जाएगा। भारतीय अधिकारियों ने मृतकों की शिनाख्त करने, उनके डीएनए सैंपल सुरक्षित करने और परिजनों की तलाश के लिए नेपाल सरकार तथा वहां के सीमावर्ती पुलिस तंत्र से सीधा संपर्क साधा है। दोनों देशों के प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि सीमा पार के आपदा पीड़ितों की पहचान कर उनके पार्थिव शरीर को सम्मानजनक तरीके से परिजनों तक पहुंचाया जा सके।
