स्वरोजगार: महिलाओं व युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए बीएसएल 15 दिसंबर के शुरू कर रहा है हैन्डीक्राफ्ट में प्रशिक्षण
-एमओयू पर हुआ हस्ताक्षर।
Bokaro: बोकारो के परिक्षेत्रीय गावों में महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बोकारो स्टील प्लांट की ओर से सीएसआर के तहत बीआइवी सेक्टर 2डी स्कूल में आगामी 15 दिसम्बर से एक हैन्डीक्राफ्ट प्रशिक्षण केंद्र की शुरुआत की जा रही है। जल कुंभी, बांस इत्यादि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सामग्रियों के इस्तेमाल से हैन्डीक्राफ्ट में प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु बोकारो स्टील प्लांट तथा एलआइएमएस-इएसएएफ दुमका के बीच समझौता पर हस्ताक्षर किया गया। समझौता ज्ञापन में बीएसएल की ओर से महाप्रबंधक(सीएसआर) सीआर के सुधांशु तथा एलआइएमएस-इएसएएफ की ओर से एसोसिएट डाइरेक्टर डॉ अजिथसेन सेल्वादास ने हस्ताक्षर किया। बोकारो निवास में इस कार्यक्रम के दौरान बीएसएल के निदेशक प्रभारी अमरेन्दु प्रकाश, अधिशासी निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) संजय कुमार, अधिशासी निदेशक (वित्त एवं लेखा) सुरेश रंगानी, अधिशासी निदेशक (सामग्री प्रबंधन) अमिताभ श्रीवास्तव, अधिशासी निदेशक (परियोजनाएं) चितरंजन महापात्रा, अन्य वरीय अधिकारी, परिक्षेत्रीय गावों की मुखिया एवं जन प्रतिनिधि तथा एलआइएमएस-इएसएएफ फाउन्डेशन के अधिकारी उपस्थित थे।

बिक्री के लिए खोला जा रहा है शो रूम : उल्लेखनीय है कि एलआइएमएस-इएसएएफ फाउन्डेशन, दुमका का हैन्डीक्राफ्ट के क्षेत्र में उत्पादन, प्रशिक्षण और मार्केटिंग का व्यापक अनुभव है। संस्था के विशेषज्ञों द्वारा हैन्डीक्राफ्ट प्रशिक्षण केंद्र में इसी माह ट्रेनिंग शुरू कराया जाएगा, जिसकी तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी है। प्रशिक्षण केंद्र में ही यहाँ निर्मित हैन्डीक्राफ्ट आइटम की बिक्री के लिए एक शो रूम भी खोला जा रहा है। एमओयू के हस्ताक्षर के मौके पर निदेशक प्रभारी अमरेन्दु प्रकाश ने हैन्डीक्राफ्ट आइटम्स की गुणवत्ता को विश्वस्तरीय बताते हुए विश्वास जताया कि इसके माध्यम से न केवल ग्रामीण महिलाओं और युवाओं के लिए स्व-रोजगार का मार्ग प्रशस्त होगा, बल्कि बोकारो को हैन्डीक्राफ्ट डेवलपमेंट सेंटर के तौर पर एक नई पहचान भी मिलेगी। उन्होंने उपस्थित मुखिया और जन प्रतिनिधियों से अपने अपने क्षेत्रों में लोंगों को इस अवसर का लाभ उठाने को प्रेरित करने का आह्वान भी किया। अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए सभी को शुभकामना दी। मुखिया और जन प्रतिनिधियों ने बीएसएल के इस पहल पर प्रसन्नता जाहिर की तथा अधिक से अधिक संख्या में ग्रामीणों को इससे जोड़ने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। हैन्डीक्राफ्ट प्रशिक्षण केंद्र में प्रथम बैच में 200 ग्रामीणों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है जो मार्च 2023 तक पूरा हो जाएगा। उसके पश्चात् 2023-24 में कुल 600 स्थानीय ग्रामीण महिलाओं और पुरुषों को प्रशिक्षण देने की योजना है।
