Bokaro News: उपायुक्त ने कहा—-बीएसएल प्रबंधन सेफ्टी इज द कॉस्ट इफेक्टिव पर करें काम 

Bokaro News: बोकारो स्टील लिमिटेड में हो रही घटनाओं के मद्देनज़र शुक्रवार को उपायुक्त अजय नाथ झा व पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह ने बीएसएल प्रबंधन के साथ बैठक की।

 

न्यूज इंप्रेशन, संवाददाता 

Bokaro: जिला प्रशासन बोकारो ने बोकारो स्टील लिमिटेड (बीएसएल) की सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सख्त रुख अपनाया है। लगातार हो रही औद्योगिक घटनाओं के मद्देनज़र शुक्रवार को उपायुक्त अजय नाथ झा व पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह ने बीएसएल प्रबंधन के साथ एक समीक्षा बैठक की। बैठक में वीडियो संवाद के माध्यम से बीएसएल के प्रभारी निदेशक आलोक वर्मा भी शामिल हुए। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की।

सुरक्षा केवल विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे संगठन की 

डीसी ने जोर देते हुए कहा कि “सेफ्टी इज द कॉस्ट इफेक्टिव-बीएसएल करें काम” की भावना के साथ कार्य संस्कृति को ढ़ालने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बीएसएल है तो सुरक्षा है- इस विश्वास को हर कर्मी के मन में जगाना होगा। सुरक्षा केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे संगठन की प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर कोई भी कर्मी अनसेफ एक्ट नहीं करें। इसके लिए निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाए और प्लांट के भीतर सुरक्षा अधिकारी नियमित निरीक्षण करें।

मशीनों की मरम्मति समय पर हो 

डीसी ने कहा कि प्लांट में उपयोग हो रही सभी मशीनों की मरम्मति कार्य निर्धारित अवधि में पूरी की जाए। किसी भी मशीन का संचालन केवल अतिकुशल कर्मियों द्वारा ही किया जाएगा। श्रमिक सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का कड़ाई से पालन किया जाए। डीसी ने बीएसएल प्रबंधन से कहा कि ठेका कर्मियों के साथ समान व्यवहार किया जाए और उन्हें भी स्थायी कर्मियों के समान सुरक्षा सुविधाएं दी जाएं। उन्होंने ठेका कर्मियों के बेहतर उपचार और बीमा योजना के लिए पॉलिसी तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि दुर्घटना की स्थिति में उन्हें तत्काल चिकित्सा और आर्थिक सहायता मिल सके।

बीएसएल प्रबंधन ने दी योजनाओं की जानकारी 

वीडियो संवाद में बीएसएल के प्रभारी निदेशक वर्मा ने बताया कि कंपनी आगामी कुछ महीनों में श्रमिकों की सुरक्षा के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने जा रही है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा नीतियों में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज अब कम से कम सात दिनों तक सुरक्षित रखी जा रही है। साथ ही सेफ्टी किट की खरीद प्रक्रिया प्रगति पर है। जो सेफ्टी किट स्थायी कर्मियों को दिए जाते हैं, वहीं सेफ्टी किट ठेका श्रमिकों को भी उपलब्ध कराया जाएगा। डीसी व एसपी ने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। सुरक्षा प्रबंधन में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में डीपीएलआर मेनका, चास एसडीओ प्रांजल ढ़ांडा, एसी मो. मुमताज अंसारी, करखाना निरीक्षक शिवनंद लागुरी, जिला श्रमाधीक्षक रंजीत कुमार समेत बीएसएल के अधिकारी मौजूद थे।

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