Bokaro News: शब्द सरिता महोत्सव में बोकारो विधायक श्वेता सिंह ने कहा—पुस्तक से खुबसूरत मार्ग दर्शक दोस्त नही

Bokaro News: कैंप टू स्थित शिबू सोरेन स्मृति भवन (टाउन हॉल) में आयोजित शब्द सरिता महोत्सव का भव्य उद्घाटन समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। 

 

न्यूज़ इंप्रेशन, संवाददाता 

Bokaro : कैंप टू स्थित शिबू सोरेन स्मृति भवन (टाउन हॉल) में आयोजित शब्द सरिता महोत्सव का भव्य उद्घाटन समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर साहित्य, शिक्षा, कला एवं संवाद का ऐसा अनूठा संगम देखने को मिला, जिसने बोकारो को साहित्यिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक मजबूत पहल की। देशभर से आए प्रतिष्ठित लेखक, कवि, शिक्षाविद, प्रकाशक एवं साहित्य प्रेमियों की उपस्थिति ने महोत्सव की गरिमा* को और भी बढ़ा दिया। महोत्सव का शुभारंभ विधायक बोकारो श्वेता सिंह, उपायुक्त अजय नाथ झा, उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, डीपीएलआर मेनका, अपर समाहर्ता मो. मुमताज अंसारी, एसडीओ चास प्रांजल ढ़ांडा, डीसीएलआर प्रभाष दत्ता, एसडीओ बेरमो मुकेश मछुआ, सिट डीएसपी आलोक रंजन आदि ने दीप प्रज्वलित कर किया।

ज्ञान के महासागर में डूबकी लगाएं बच्चे 

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए विधायक श्वेता सिंह ने कहा कि पुस्तक से अधिक सुंदर, सच्चा और स्थायी मार्गदर्शक कोई दोस्त नहीं हो सकता। उन्होंने बच्चों और युवाओं से आह्वान किया कि वे ज्ञान के महासागर में डूबकी लगाएं, क्योंकि पुस्तकें न केवल जानकारी देती हैं, बल्कि जीवन की दिशा और दशा बदलने की क्षमता भी रखती हैं। उन्होंने कहा कि पढ़ने की आदत व्यक्ति को आत्मनिर्भर, संवेदनशील और दूरदर्शी बनाती है, जो समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

बोकारो की पहचान केवल स्टील सिटी तक सीमित न रहे : उपायुक्त

उपायुक्त अजय नाथ झा ने अपने संबोधन में कहा कि बोकारो की पहचान केवल स्टील सिटी के रूप में नहीं, बल्कि एक वाइब्रेंट शहर के रूप में भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यहां की कृषि परंपरा, समृद्ध आदिवासी संस्कृति, बच्चों की प्रतिभा और साहित्यिक चेतना बोकारो को विशिष्ट बनाती है। शब्द सरिता महोत्सव जैसे आयोजन बोकारो की बहुआयामी पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में सहायक सिद्ध होंगे।

मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए पुस्तक पढ़ना जरूरी

उपायुक्त ने कहा कि मानसिक विकास, रचनात्मक सोच और सकारात्मक दृष्टिकोण के लिए पुस्तक पढ़ना अत्यंत आवश्यक है। जो लोग नियमित रूप से पढ़ते हैं, उन्होंने पढ़ाई में ही मनोरंजन खोज* लिया है। पुस्तकें न केवल तनाव कम करती हैं, बल्कि व्यक्तित्व को भी परिष्कृत करती हैं।

युवा वर्ग और शिक्षक पुस्तक को बनाएं जीवन का हिस्सा

उपायुक्त ने विशेष रूप से युवा वर्ग और शिक्षकों से अपील करते हुए कहा कि वे हमेशा अपने हाथ में एक पुस्तक रखें। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं अपनी व्यस्तताओं के बावजूद एक पुस्तक साथ में रखता हूं और जब भी समय मिलता है, पढ़ने का प्रयास करता हूं। इस प्रकार की आदत *समाज में पढ़ने की संस्कृति को मजबूत करती है और आने वाली पीढ़ी को प्रेरित करती है।

अपने ज्ञान और भावनाओं को लोक क्षेत्र में साझा करें

उपायुक्त ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के भीतर जो भी ज्ञान, अनुभव और भावनाएं हैं, उन्हें लोक क्षेत्र में सार्वजनिक करना चाहिए। लेखन, कविता, कला, संगीत या किसी भी माध्यम से अपने विचार और इमोशन दूसरों तक पहुंचाना समाज के लिए लाभकारी है। यही सृजनशीलता सामाजिक चेतना को जागृत करती है।

कम से कम एक पुस्तक पढ़ने का किया अपील

उपायुक्त ने जिले के सभी नागरिकों से शब्द सरिता महोत्सव बोकारो में हिस्सा लेने और कम से कम *एक पुस्तक अवश्य क्रय करने और पढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति पढ़ने की आदत विकसित कर ले, तो समाज स्वतः ही ज्ञानवान और सशक्त बन जाएगा। उन्होंने कहा कि शब्द सरिता महोत्व की यह शुरूआत है। इसका आयोजन प्रतिवर्ष किया जाएगा। प्रकाशकों के सुझाव पर इसे और व्यापक बनाया जाएगा। साथ ही, आने वाले वर्षों में इसका आयोजन पूरे एक सप्ताह तक होगा।

साहित्य और संस्कृति का वाइब्रेंट मंच : डीडीसी

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार ने कहा कि शब्द सरिता महोत्सव केवल एक साहित्य उत्सव नहीं, बल्कि सांस्कृतिक प्रदर्शन, क्षेत्रीय नृत्य-संगीत, कला एवं संवाद का एक वाइब्रेंट प्लेटफॉर्म है। यह मंच स्थानीय कलाकारों, लेखकों और उभरती प्रतिभाओं को अपनी पहचान स्थापित करने का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने क्रमवार 02 दिवसीय महोत्सव की रूप रेखा – कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी।

देशभर की साहित्यिक विभूतियों की है सहभागिता

महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिष्ठित लेखक, कवि, शिक्षाविद, प्रकाशक एवं साहित्य प्रेमी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान *साहित्यिक सत्र, काव्य पाठ, संवाद कार्यक्रम, पुस्तक प्रदर्शनी एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे बोकारो का साहित्यिक और सांस्कृतिक परिवेश और अधिक समृद्ध होगा।

प्रसिद्ध साहित्यकारों की है उपस्थिति

इस महोत्सव में *भारतीय साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार–2016 से सम्मानित लेखक श्री निलोत्पल मृणाल, शिक्षाविद एवं एकलव्य संस्था के संस्थापक श्री मोहम्मद यासिर, प्रसिद्ध कथा लेखक शिवनारायण गौर, संथाली लेखक एवं विश्वभारती विश्वविद्यालय के प्रोफेसर श्री धनेश्वर मांझी, शिक्षाविद व प्रकाशक डॉ. शकुंतला मिश्रा, लेखक डॉ. विनोद खोरठा, रांची विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. विनय भारत, लेखक व समाजसेवी डॉ. साजिद हुसैन, वॉकिंग बुक फेयर के संस्थापक श्री अक्षय, मानवविज्ञान के सहायक प्राध्यापक डॉ. अभय मिंज, रूम टू रीड के राज्य प्रमुख सूरज कुमार, सुप्रसिद्ध कवयित्री पद्मिनी शर्मा तथा रामायण आधारित काव्य रचनाओं से देश-विदेश में चर्चित कवि श्री अमन अक्षर सहित अन्य गणमान्य अतिथि शामिल हैं।

देश के प्रतिष्ठित प्रकाशकों की है सहभागिता

महोत्सव में देशभर से कई प्रतिष्ठित प्रकाशन संस्थानों की भागीदारी है। इनमें *एकलव्य, रूम टू रीड, पिरामल फाउंडेशन, प्रथम बुक्स, झारखंड झरोखा, विजय पब्लिकेशन, प्रकाशन संस्थान, बुक फाइंड एवं प्रभात बुक्स जैसे प्रमुख प्रकाशक* शामिल है। ये प्रकाशक अपनी *नवीनतम पुस्तकों, बाल साहित्य, शोध कार्यों एवं साहित्यिक सामग्री के साथ पाठकों से संवाद स्थापित करेंगे।

ये थे मौजूद

मौके पर डीएसओ शशालिनी खालखो, जिला पंचायती राज पदाधिकारी मो. सफीक आलम, डीपीआरओ रवि कुमार, डीटीओ शमारूति मिंज, डीईओ जगरनाथ लोहरा, डीएसई अतुल कुमार चौबे, डीपीओ राज शर्मा, एपीआरओ अविनाश कुमार सिंह, डीडीएमओ शक्ति कुमार, नोडल पदाधिकारी पंकज दूबे, विभिन्न प्रखंडों – अंचलों के बीडीओ/सीओ, विभिन्न विद्यालयों के बच्चें – शिक्षक आदि उपस्थित थे।

 

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