Niyojan Niti Jharkhand : झारखंड सरकार के नियोजन नीति के विरोध में झारखंड बंद, बोकारो में रहा आंशिक असर
Niyojan Niti Jharkhand : झारखंड सरकार के नियोजन नीति के विरोध में झारखंड बंद, बोकारो में रहा आंशिक असर, कई मार्गों पर आवागमन प्रभावित, कुछ बंद समर्थकों को लिया गया पुलिस हिरासत में।
न्यूज इंप्रेशन, संवाददाता
Bokaro: झारखंड सरकार के नियोजन नीति के विरोध में झारखंड स्टेट स्टूडेंट्स यूनियन के आहवान पर 19 अप्रैल को झारखंड बंद रहा। बोकारो जिले में बंद का आंशिक असर रहा। कुछ स्थानों पर युवाओं ने मुख्य सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। माराफारी थाना क्षेत्र के धनबाद टाटा मार्ग को कुछ देर के लिए बाधित किया। इसके बाद पुलिस ने 12 लोगों को हिरासत में लिया। तुपकाडीह मुख्यपथ को आंदोलनकारियों ने तीन घंटे तक जाम रखा। वहीं कसमार और पेटरवार इलाके में करीब दो घंटे तक जाम की स्थिति रही। बंद के चलते आमजनों को परेशानी हुई।
60/ 40 नियोजन नीति करें रद्द
बंद समर्थकों ने सरकार की ओर से लागू किये गए 60/ 40 नियोजन नीति को रद्द कर 90/ 10 का नियोजन नीति को लागू करने की मांग की। बोकारो- रामगढ नेशनल हाइवे को पेटरवार तेनुचौक पर करीब दो घंटे तक सड़क मार्ग को जाम कर दिया। सड़क जाम होने के कारण पेटरवार- बोकारो, पेटरवार- रामगढ, पेटरवार- गोमिया ओर पेटरवार- कसमार पथों पर यात्री वाहन सहित मालवाहक वाहनों की लंबी कतार लग गयी थी।

बंद का कई संगठन ने किया समर्थन
बंदी में झारखंडी आदिवासी मूलवासी मोर्चा, झारखंडी भाषा खतियान संघर्ष समिति, आदिवासी सेंगेल अभियान एवं भोगता समाज सहित अन्य संगठन के लोग शामिल हुए। झारखंड भाषा खतियान समिति के बोकारो जिला संयोजक अमरेश लाल महतो व आदिवासी सेंगेल अभियान के प्रदेश अध्यक्ष देव नारायण मुर्मू ने कहा कि सरकार 60-40 की नियोजन नीति को रद्द करते हुए सर्वे खतियान 1932 एवं अंतिम सर्वे के तहत स्थानीय नियोजन नीति निर्धारण कर लागू किया करें। तभी झारखंड अलग राज्य होने का लाभ स्थानीय, मूलवासी, छात्र नवजवानों को मिल पायेगा।
आंदोलन में हुए शामिल
बंद के समर्थन में मनोहर महतो, भुनेश्वर महतो, सृष्टिधर महतो, माणिक महतो, ताराचंद महतो, नेमधारी महतो, भागीरथ महतो, विष्णुचरण महतो, बिनोद कुमार, कुलदीप कुमार, मृत्युंजय महतो, खिरोधर महतो, पूरणचंद महतो, अरविंद महतो सहित सेंगेल ओर भोगता समाज के सैकड़ लोग सड़क पर उतरे।

नियोजन नीति हो खतियान आधारित
तेनु-पेटरवार चौक को पूरी तरह जाम कर दिया गया। छात्रों का कहना है कि नियोजन नीति खतियान आधारित हो, नियोजन के लिए स्थानीय भाषा और संस्कृति की जानकारी अनिवार्य हो। किसी भी राज्य के नियोजन में उस राज्य का स्थानीय निवासी होना अनिवार्य शर्त है तो झारखंड के लिए भी नियोजन में स्थानीय निवासी होना अनिवार्य होना चाहिए। यही सब मुद्दों और रांची में हुई छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में आज झारखंड बंद का आव्हान किया गया है। जिस उद्देश्य से झारखंड का निर्माण किया गया था वो आज अधूरा है। आज भी झारखंडी जनता अपने हक और अधिकार से वंचित है।
नियोजन नीति के विरोध में नारेबाजी
सरकार के नियोजन नीति के विरोध में गुरुवार को कसमार में एक दिवसीय बंदी का व्यापक असर रहा। झारखंड बंद को समर्थन करते हुए झारखंडी आदिवासी मूलवासी मोर्चा एवं झारखंडी भाषा खतियान संघर्ष समिति के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं के द्वारा झारखंड सरकार की 60-40 की स्थानीय नियोजन नीति का पुरजोर विरोध किया। कसमार प्रखंड के पिरगुल चौक मेन रोड को सुबह जाम किया गया। आंदोलनकारी झारखंड आदिवासी मूलवासी मोर्चा एवं झारखंडी भाषा खतियान संघर्ष समिति के अमरेश कुमार लाल, भुनेश्वर महतो, प्रशांत महतो, सुखदेव महतो, सृष्टिधर महतो, विष्णु चरण महतो, गणपति महतो भूदेव महतो लालू महतो मंतोष कुमार, केदार कुमार रमेश मुर्म,आनंद कुमार, रविंद्र कुमार, अभिषेक कुमार, कुंदन कुमार, जितेंद्र कुमार, तेज नारायण, उज्जवल जयसवाल, फिरोज अंसारी, राहुल कुमार, रमेश नायक, शिव शंकर, कुंदन कुमार, रुपेश कुमार सहित सैकड़ों समर्थक शामिल थे।

