Bokaro Patient Death : बोकारो के पूनम नर्सिंग होम में इलाज के दौरान महिला की मौत, लगाया लापरवाही का आरोप

Bokaro News : रितुडीह स्थित पूनम नर्सिंग होम में सोमवार की सुबह इलाज के दौरान 42 वर्षीय कलावती देवी की मौत होगी। परिजनों ने अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। अस्पताल के बाहर परिजनों ने न्याय की मांग को ले किया हो हल्ला। मौके पर पहुंची पुलिस।

न्यूज इंप्रेशन, संवाददाता 

Bokaro : रितुडीह स्थित पूनम नर्सिंग होम में सोमवार की सुबह इलाजरत 42 वर्षीय कलावती देवी की मौत इलाज के दौरान हो गयी। परिजनों ने अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों के साथ दर्जनों स्थानीय लोग नर्सिंग होम पहुंचे। जम कर हो हल्ला किया।सूचना पाकर सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। समझा बुझाकर शव को पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों ने थाना को आवेदन देकर कार्रवाई करते हुए न्याय की मांग की। वहीं, नर्सिंग होम संचालक एसके रवि ने भी सिटी थाना में एक आवेदन दिया। आवेदन में अपने, अपने परिवार व संस्थान की सुरक्षा की मांग की है।

रविवार सुबह मरीज को कराया था भर्ती 

मृतका की बहन का पति सोनू ने बताया कि रविवार की सुबह सात बजे तबीयत खराब होने पर दीदी (कलावती देवी) को पूनम नर्सिंग होम इलाज के लिए ले गये। संचालक ने स्लाइन लगाने की बात कह कर एडमिट कर लिया। इसके बाद कई तरह का ब्लड जांच किया गया। बताया कि शरीर में खून की कमी व मधुमेह भी है। शाम को कागजात देकर रेडक्रास ब्लड बैंक भेजा गया। ब्लड बैंक बंद मिला। संचालक ने कहा कि कि मैनेज कर लेंगे। दूसरे दिन ब्लड चढा देंगे। रातभर तरह-तरह का स्लाइन चढाया। सुई लगाया। सोमवार की सुबह मरीज की तबीयत ज्यादा खराब हो गयी। मृत अवस्था में मेरे मरीज को दूसरे अस्पताल में ले जाने को कहा जाने लगा। इस अस्पताल में डिग्रीधारी चिकित्सक व नर्स नहीं है. बार-बार फोन से पूछ कर इलाज किया जा रहा था।

 यह पहली घटना नहीं

नर्सिंग होम में इलाज के दौरान मरीज की मौत की घटना पहली नहीं है। पूर्व में कई घटनाएं हो चुकी है। मामले की जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन आज तक किसी के खिलाफ करवाई नहीं की गई।

इलाज में कोई लापरवाही नहीं

पूनम नर्सिंग होम के संचालक एसके रवि ने कहा कि मरीज के इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं हुई है। हिमोग्लोबीन 4.5 ग्राम था। समय पर परिजनों ने ब्लड नहीं दिया। गंभीर होने पर अन्य जगह रेफर करने पर भी मरीज को दूसरे अस्पताल नहीं ले गये।

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